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चिकनगुनिया के घरेलू उपचार हैं पपीता, तुलसी और लहसुन

Chikungunya home remedies in hindi.

आज हर अखबार के पहले पन्ने पर या फिर न्यूज़ चैनल की ब्रेकिंग न्यूज़ में एक ही खबर छाई हुई है… वह है चिकनगुनिया। यह एक ऐसी बीमारी है जो मच्छर के काटने से, उसके द्वारा वायरस को आपके शरीर के अंदर डाल देती है। यह काफी तकलीफदेह बीमारी है, इसमें इंसान अंदर से टूट जाता है। प्लेटलेट का कम हो जाना आपके लाइफ के लिए काफी खतरनाक साबित होता है। तेज़ बुखार, रैशेस, पूरे शरीर में दर्द… इतना कुछ सब एक साथ इंसान को झेलना पड़ता है। दवाईयों की डोज़ तो अलग पड़ती ही है लेकिन साथ ही डॉक्टर ज्यादा-से-ज्यादा लिक्वियीड चीज़ें ही खाने या पीने की बात कहते हैं।

घरेलू उपायों की बात करें तो इनका अंग्रेजी दवाईयों की तरह कोई साइड-इफेक्ट नहीं होता है। बात अगर चिकनगुनिया बीमारी की करें तो इस बीमारी में पपीते के पत्ते, तुलसी की पत्ती, अजवायन, लहसुन खाने की सलाह दी जाती है।

आज sehatgyan.com आपको बताएगा कि क्या है पपीते के पत्ते, तुलसी की पत्ती, अजवायन, लहसुन खाने के फायदे :

  • पपीते के पत्ते का रस
    डेंगू हो या फिर चिकनगुनिया… दोनों में पपीते के पत्ती को उबालकर पीने की सलाह दी जाती है। यही नहीं, इसका रस भी काफी लाभदायक होता है। बता दें कि पपीते के पत्तों में chymopapin और papain नाम के दो एंजाइम मौजूद होते हैं जो आपके प्लेटलेट काउंट्स बढ़ाने में मदद करते हैं। डेंगू और चिकनगुनिया दोनों ही बीमारियों में प्लेटलेट्स काउंट कम हो जाने की शिकायत सामने आती हैं। ऐसे में पपीते के पत्ते का रस लेना बहुत सही होगा।
  • अजवायन
    जान लें कि अजवायन में Thymol नाम का तेल पाया जाता है, जो लोकल एनेस्थिसिया की तरह काम करता है। इसमें एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुण भी पाए जाते हैं, जिसमें मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट आपके इम्यून सिस्टम को बूस्ट करने का काम करती हैं। बता दें कि अजवायन में मौजूद यह लोकल एनेस्थिसिया का गुण दर्द को कम करने में मददगार है।
  •  तुलसी के पत्ते के फायदे
    आपके घर के आंगन में तुलसी की पत्ती का इस्तेमाल हर रूप से औषधि के रूप में किया जाता है। क्या आप जानते हैं कि तुलसी की पत्तियों में eugenol, citronellol, linalool, citral, limonene और terpineol जैसे इसेंशियल ऑयल पाए जाते हैं। जिस वजह से यह एक बेहतरीन तापरोधी भी है। इस बात का ध्यान दें कि इसमें मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट और बीटा-कैरोटीन आपके शरीर के इम्यूनिटी को बूस्ट करने का भी काम करता हैं।
  • लहसुन की कली
    यूं तो लोग लहसुन का ज्यादातर इस्तेमाल खासतौर पर मसालेदार व्यंजन बनाने में किया जाता है। लहसुन में phyto-nutrients, मिनरल्स, विटामिन और एंटी-ऑक्सीडेंट सभी पाए जाते हैं, वहीं लहसुन की कली में पाया जाने वाला Allicin एंटी-वायरल की तरह काम करता है।

डिसक्लेमर : Sehatgyan.com में जानकारी देने का हर तरह से वास्तविकता का संभावित प्रयास किया गया है। इसकी नैतिक जिम्मेदारी sehatgyan.com की नहीं है। sehatgyan.com में दी गई जानकारी पाठकों के ज्ञानवर्धन के लिए है। अतः हम आप से निवेदन करते हैं की किसी भी उपाय का प्रयोग करने से पहले अपने चिकित्सक से सलह लें। हमारा उद्देश्य आपको जागरूक करना है। आपका डाॅक्टर ही आपकी सेहत बेहतर जानता है इसलिए उसका कोई विकल्प नहीं है।

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