डाइट प्लान

बरसात में मछली खाने के नुकसान

Why we should not eat fish in monsoon.

आपने घर के बड़े लोगों से यह जरूर सुना होगा कि बरसात का मौसम आ गया है… सेहत और खानपान का ख्याल रखा करों। यह मौसम जितना सुहाना लगता है उतना ही खतरनाक भी होता है क्योंकि यह अपने साथ कई बीमारियों को लेकर आता है। इस समय आपकी एक छोटी सी लापरवाही भी बहुत खतरनाक साबित हो सकती है। बरसात में कोशिश करें कि आप पानी में उगने वाली सब्जिबयों को नहीं खाए, यही नहीं पत्तेदार सब्जिआयों को भी खाने से खुद को रोके।

अब आप सोच रहे होंगे कि हरी पत्तेदार सब्जियां खाने से तो खून बनता है और ताकत आती है तो हम आपको यह बरसात के मौसम के समय में खाने से क्यों रोक रहे हैं। दरअसल, बरसात के दिनों में इन हरी शाक-सब्जिेयों पर कई तरह के बैक्टीरिया और छोटे-छोटे कीटाणु चिपके होते हैं। कई बार बहुत बार सफाई करने के बावजूद यह गंदगी व बैक्टीरिया साफ नहीं हो पाते और ऐसे में इन सब्जिायों को खाने से कई तरह की बीमारियां होने का खतरा बढ़ जाता है।

ध्यान दें जिस तरह हरी पत्तेदार सब्जिनयों को खाने से मना किया जाता है वहीं बारिश के मौसम में मछली को भी खाने से परहेज करना चाहिए। हम जानते हैं कि मछली खाना हेल्थ के लिए बहुत फायदेमंद है लेकिन बरसात में मछली खाना बहुत नुकसानदेह हो सकता है।

आइए बताते हैं आखिर क्यों बरसात के मौसम में मछली नहीं खाना चाहिए:

1. बरसात का मौसम मछलियों और दूसरे जलीय जीवों के लिए प्रजनन काल होता है। इस समय में मछलियों को खाने से फूड प्वाइजनिंग होने का खतरा बढ़ जाता है।

2. इस मौसम के दौरान नाले और नालियां भी भर जाया करती हैं, जिसके कारण उनका गंदा पानी नदियों में मिल जाता है, जिससे नदियों और तालाब का पानी गंदा हो जाता है और साथ ही उनमें पल रही मछलियां भी गंदी हो जाती है, ऐसे में इन्हें खाना खतरे से कम नहीं।

3. क्या आप जानते हैं कि बरसात के मौसम तेज़ बारिश के कारण हर रोज मछलियां पकड़ पाना संभव नहीं हो पाता, मछुआरे हर रोज मछली पकड़ने नहीं जा पाते। यही नहीं, मछलियों के ट्रांसपोर्ट पर भी असर पड़ता है। ऐसे में फ्रेश मछली मिल पाने की संभावना बहुत कम रह जाती है।

4. बता दें कि मानसून में जल प्रदूषण होने का खतरा भी सबसे अधिक हो जाता है। ऐसे में आपका जल जनित रोग होने का खतरा भी बहुत बढ़ जाता है।

5. वहीं बरसात के मौसम में खासकर मच्छरों व दूसरे कीटाणुओं को कंट्रोल करने के लिए कीटनाशकों का छिड़काव किया जाता है, यह केमिकल्स मछलियों के शरीर में भी जाते हैं और ऐसे में इन मछलियों को खाना बहुत खतरनाक साबित हो सकता है।

6. बता दें कि इस दौरान मछलियों को लंबे समय तक सेफ रखने के लिए उन पर केमिकल्स का छिड़काव भी किया जाता है। अब आप खुद सोचिए ऐसे में इन मछलियों को खाना कितना हानिकारक है।

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