घरेलू नुस्खे - घरेलू उपचार

आपके घर में पाये जाने वाले प्राकृतिक दर्द निवारक औषधियां

एस्प्रिन और पेरासिटामोल जैसी दर्दनाशक दवाईयां आमतौर पर आपके दैनिक दर्द और प्रज्वलन के इलाज के लिए उपयोग की जाती हैं। इन दवाइयों का लम्बा उपयोग आपके शरीर को अधिक नुकसान देते हैं। वे नशे की लत और लिवर, किडनी और आंत को हानिकारक नुकसान पहुंचा सकती हैं। इसलिए अधिक से अधिक लोग दर्द को कम करने और शरीर को अच्छा करने के लिए कुछ घरेलू उपाय को अपना रहे हैं, जो अचूक दर्दनिवारक विकल्प  हैं। आज हम आपको ऐसी ही कुछ आसानी से घर पर उपलब्ध प्राकृतिक दर्दनिवारक औषधियों के बारे में बताएंगे।

आपके घर में पाये जाने वाले प्राकृतिक दर्द निवारक औषधियां

सेब का सिरका

सेब का सिरका गठिया और मांसपेशियों में दर्द को दूर करने में मदद करेगा। आप प्रत्येक भोजन से पहले एक गिलास पानी में 2 चम्मच का सिरका पी सकते हैं।

गठिया के दर्द से निपटे अदरक

गठिया के दर्द से निपटे अदरक

अदरक अपच को ठीक करने में मदद कर सकता है और आपको पेट की गैस की समस्या को भी ठीक करने में मदद करता है। अदरक में मजबूत सूजन-विरोधी गुण मांसपेशियों और गठिया के दर्द से निपटने के लिए भी श्रेष्ठ हैं। अच्छे परिणामों के लिए, रोज खाने में कच्चे अदरक के 1 या 2 चम्मच डालें और इससे आपके स्वास्थ्य में भी सुधार होता है।

 

चेरी

चेरी गठिया, गाउट, या पुराने सिरदर्द को कम करने का एक शानदार और स्वादिष्ट तरीका है। चेरीज़ में उपस्थित उच्च स्तर के एंथोकायनिन उनके प्रज्वलन-विरोधी और दर्द से मुक्त करने के लाभ होते हैं। ये छोटे यौगिक ऊतक की सूजन और दर्द करने वाले एंजाइमों को समाप्त करते हैं।

लहसुन

लहसुन का उपयोग गंभीर कान के दर्द के इलाज के लिए किया जाता है। लहसुन के गर्म तेल की दो बूंदों को अपने कान दर्द के लिए करें।

लौंग

लौंग दांत दर्द को दूर और कम कर सकता है। लौंग में एक शक्तिशाली प्राकृतिक संवेदनाहारी, यूजेनॉल शामिल है, जो प्राकृतिक दर्द निवारक है। लौंग को चबाने या लौंग के तेल के इस्तेमाल से दो घंटे तक दांत का दर्द कम हो जाएगा।

दर्द कम करने में अधिक प्रभावी है हल्दी

दर्द कम करने में अधिक प्रभावी है हल्दी

अध्ययनों से पता चला है कि हल्दी को एस्प्रिन और अन्य दर्द निवारक रासायनिक दवाओं से दर्द कम करने में अधिक प्रभावी पाया जाता है। पुरानी आर्थराइटिस दर्द और फाइब्रोमाइल्जीया से राहत में यह बहुत अच्छा होता है, जिसे आप किसी भी पकवान में डाल कर हल्दी के अद्भुत स्वास्थ्य लाभ ले सकते हैं।

पुदीना

पुदीने की पत्तियों को चाय के साथ पीने से आपके गले में दर्द से राहत मिलती है और पेट के दर्द में राहत मिल सकती है। पुदीने में मेन्थॉल तंत्रिकाओं पर दर्दनाक उत्तेजनाओं को रोकता है।

उपचार की प्रक्रिया को तेज करे शुद्ध शहद

उपचार की प्रक्रिया को तेज करे शुद्ध शहद

शुद्ध शहद गले में खराश और मुंह के घाव कम करता है। शहद में प्राकृतिक एंजाइम दर्द से होने वाली सूजन को कम करते हैं, वायरस को नष्ट करने में मदद करते है और उपचार की प्रक्रिया को तेज करते है। दालचीनी और शहद को एक साथ मिलकर मिलाकर आयुर्वेदिक चिकित्सा द्वारा उपयोग किया जाता है। शहद और दालचीनी को एक गर्म कप पानी में मिलाकर, इसे नियमित रूप से पीने से गठिया दर्द के लक्षणों को दूर करने के लिए उपयोगी पाया गया है।

 

कॉफ़ी

कैफीन के साथ कॉफी पीने से माइग्रेन दर्द में राहत मिलती है। विशेषज्ञों का कहना है कैफीन, पेट की परत को उत्तेजित करके, दर्द निवारक को अधिक तेज़ और प्रभावी ढंग से अवशोषित करती है।

दर्द और सूजन कम करता है नमक

विशेषज्ञों का कहना है कि नमक को गर्म पानी में मिलाकर उपयोग करने से गले का दर्दनाक संक्रमण ठीक हो सकता है। नमक स्वाभाविक रूप से दर्द और सूजन कम करता है, और यह एंटी-बैक्टीरियल होता है, इसलिए यह संक्रमण और दर्द पैदा करने वाले सूक्ष्म कीटाणुओं को नष्ट करता है।

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