कैंसर के लिए आहार है ये 6 मसाले

कैंसर दुनिया में मौत के प्रमुख कारणों में से एक है। दरअसल कैंसर रोगों का एक वर्ग है जिसमें असामान्य कोशिकाएं शरीर में अनियंत्रित रूप से गुणा और विभाजित होती हैं। ये असामान्य कोशिकाएं ट्यूमर नाम से विकसित होती हैं। एक ट्यूमर तब शुरू होता है जब स्वस्थ कोशिकाएं नियंत्रण से बाहर निकल जाती हैं और बड़े पैमाने पर विकसित होती हैं। आइए जानते हैं उन 7 मसालों के बारे में जो कैंसर के लिए आहार है।

हल्दी

कैंसर जैसी भयंकर बीमारियों से निपटने की बात आती है, तो हल्दी का नाम सबसे ऊपर आता है। हल्दी कैंसर के लिए अच्छा आहार है। हल्दी में शक्तिशाली पॉलीफेनोल करक्यूमिन होता है जो प्रोस्टेट कैंसर, मेलेनोमा, स्तन कैंसर, मस्तिष्क ट्यूमर, अग्नाशयी कैंसर और ल्यूकेमिया के कारण कैंसर कोशिकाओं के विकास को रोकने के लिए मदद कर सकता है।

शोधकर्ताओं ने साबित कर दिया है कि हल्दी में पाए जाने वाले रसायन करक्यूमिन में कैंसर कोशिकाओं को मारने की शक्ति होती है। इसलिए आप भी अपने खाने हल्दी को जरूर शामिल कीजिए।

सौंफ

फाइटो-न्यूट्रिएंट्स तत्वों और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर सौंफ कैंसर के लिए एक बेहतर आहार है। स्वाद और सुगंध के लिए कई सब्जियों और मसालों के साथ उपयोग किया जाने वाला सौंफ की तासीर ठंडी होती है और इसका नियमित इस्तेमाल करने से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी तक को खत्म किया जा सकता है।

आपको बता दें कि सौंफ का प्रमुख घटक ‘एनेथोल’ कैंसर कोशिकाओं की चिपकने वाली और आक्रामक गतिविधियों को प्रतिबंधित करता है।

केसर

केसर स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभकारी होता है। इसकी खुशबू बहुत तेज होती है। इसे खाने, सौंदर्य उत्पाद के साथ मेडीसीन के लिए भी उपयोग किया जाता है। शोध से पता चला है कि यह कैंसर जैसी लाइलाज बीमारी में बहुत ही लाभकारी है।

इसमें ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो न केवल बीमारी के प्रगति को रोकते हैं बल्कि कैंसर सेल्स को खत्म भी कर सकते हैं। यद्यपि यह दुनिया में सबसे महंगा मसाला है।

जीरा

बीना जीरा आपका किचन अधूरा है। आपको बता दें कि जीरा कैंसर से लड़ता है। रिसर्च ये बताते हैं कि जीरे के अंदर ऐसे कंपाउंड मौजूद रहते हैं जो न केवल पाचन में मदद करता है बल्कि कैंसर जैसी बीमारी से लड़ने में सहायक साबित होता है।

एंटी-ऑक्सीडेंट से भरपूर जीरा प्रोस्टेट कैंसर के लिए जिम्मेदार कोशिकाओं के प्रसार की जांच करता है। आप जीरे को सब्जी या दाल के साथ सेवन कर सकते हैं।

दालचीनी

खुद को कैंसर के खतरे को दूर रखने के लिए हर दिन दालचीनी पाउडर का आधा चम्मच लीजिए। शोधकर्ताओं ने अमाशय के कैंसर और हड्डी के बढ़ जाने की स्थति‍ में दालचीनी और शहद को लाभदायक बताया है।

दालचीनी को शहद में मिलाकर खाने से कैंसर से लेकर दिल की बीमारी में यह लाभदायक है। आयरन और कैल्शियम का स्रोत दालचीनी प्राकृतिक आहार संरक्षक है जो ट्यूमर वृद्धि को कम करने में उपयोगी है तथा यह मानव शरीर में नए वेसेल्स के गठन को अवरुद्ध करता है।

लाल मिर्च

लाल मिर्च कैंसर कोशिकाओं को नष्ट कर देता है और ल्यूकेमिया ट्यूमर कोशिकाओं के आकार को काफी कम करता है। लाल मिर्च में कैप्सीन नाम का तत्व पाया जाता है जो कैंसर से रोकथाम में बहुत गुणकारी होता है।

अदरक

अदरक खाने के स्वाद को बढ़ाता है। अदरक औषधीय गुणों का दावा करता है जो कोलेस्ट्रॉल को कम करने, चयापचय या मेटाबॉल्जिम को बढ़ावा देने और कैंसर की कोशिकाओं को मारने में मदद करते हैं।

शोध में यह बात सामने आई है कि अदरक में कैंसर रोधी गुण मौजूद हैं जो खास तौर से महिलाओं में होने वाले स्तन कैंसर और गर्भाशय के कैंसर से बचाने में कारगर साबित होते हैं।