हृदय रोग के उपचार के तौर पर काम करे ये 4 मसाले

कोरोनरी धमनी रोग, जन्मजात हृदय रोग, एरिथिमिया, हार्ट फेलियर और हृदय वाल्व की समस्याएं आदि हृदय रोग के रूप में जाने जाते हैं, जो आपके जीवन की गुणवत्ता को खराब कर सकते हैं। यद्यपि लक्षण अलग-अलग व्यक्ति में अलग-अलग हो सकता है, कुछ सामान्य लक्षण सांस की तकलीफ, सीने में दर्द, दिल की धड़कन, हल्कापन और थकान शामिल है।

उच्च रक्तचाप, उच्च कोलेस्ट्रॉल, मधुमेह, मोटापा, धूम्रपान, शराब या कैफीन का सेवन, तनाव, खराब जीवनशैली और पारिवारिक इतिहास दिल की बीमारी का कारण बन सकता है। आज के इस लेख में हम जानेंगे उन 4 मसालों के बारे में जो हृदय रोग के उपचार में मदद कर सक सकते हैं।

लहसुन

लहसुन न सिर्फ खाने का जायका बढ़ाता है बल्कि आपके स्वास्थ्य में भी इसकी एक अहम भूमिका है। लहसुन में एंटीथ्रोम्बोटिक और एंटी प्लेटलेट एग्रीगेटर प्रभाव है और उच्च रक्तचाप, उच्च कोलेस्ट्रॉल और कोरोनरी हृदय रोग जैसी स्थितियों से निपटने में आपकी मदद कर सकता है। इसके अलावा, यह ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाने में आपकी मदद कर सकता है। इसलिए अपने आहार में लहसुन को शामिल कीजिए।

लाल मिर्च

लाल मिर्च में हरी मिर्च की अपेक्षा कई गुना ज्याशदा लाभकारी गुण होते है। लाल मिर्च हम कई तरीकों से अपने व्यंजन में उपयोग करते हैं, लेकिन इसके हेल्थ बेनिफिट भी है।

इसमें कैप्सैकिन नामक एक कंपाउंड होता है जो हृदय और ब्लड सर्कुलेशन संबंधी समस्याओं के इलाज के लिए सहायक होता है। इसके अलावा यह ऑर्थराइटिस, जोड़ों और मांसपेशियों के दर्द में आराम पहुंचाता है। यह इर्रेगुलर हार्ट रिदम के जोखिम को कम करता है और आपके कोलेस्ट्रॉल को मैनेज करता है। इसमें मौजूद फाइटोकेमिकल्स ब्लड को शुद्ध करता है और आपकी इम्यूनिटी को बढ़ावा देता है।

हल्दी

जहां एक ओर हल्दी खाने के स्वाद और रंग को बढ़ा देती है, वहीं इसका उपयोग खूबसूरती और त्वचा की समस्याओं को दूर करने में भी किया जाता है। हल्दी में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं।

इसमें करक्यूमिन पाया जाता है जो आपके दिल के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकता है। इसके अतिरिक्त, हल्दी आपके कोलेस्ट्रॉल को मैनेज करने में भी आपकी सहायता कर सकता है। इसके लिए आप एक गिलास दूध में एक छोटा चम्मच हल्दी डाले और पीएं। – हल्दी के आयुर्वेदिक फायदे

मेथी

मेथी का नेचर एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर है तथा यह आपके कार्डियो सुरक्षा प्रदान करता है। यह एथेरोस्क्लेरोसिस के जोखिम को कम करता है क्योंकि इसमें रक्त लिपिड के स्तर पर एक मॉड्यूलिंग प्रभाव होता है। रातोंरात कुछ मेथी के बीज भूनें और उन्हें सुबह में खाएं।