साइटिका का घरेलू इलाज

आपने अकसर किसी ना किसी से आए दिन इस साइटिका के दर्द के बारे में जरूर सुना होगा। कभी कोई कमर में इस दर्द का ज़िक्र करता तो कभी कोई गरदन, हाथ, पैरों की नसों में आदि। बता दें कि यह दर्द उठने-बैठने के गलत तरीकों के कारण हमारे नसों में हो जाती है। खासकर कमर से लेकर पैर की नसों तक को साइटिका का दर्द कहते है। इस दर्द के कब्ज़ें में आते ही लोग आपको बेड रेस्ट करने बोलेंगे या फिर व्यायाम और नहीं कुछ सुझा तो दवाइयां खाने बोल देंगे। दरअसल, साइटिका खुद में बीमारी नहीं है बल्कि बीमारियों के लक्षण हैं।

आज sehatgyan.com आफको बताने जा रहा है कुछ आसान से घरेलू उपचार जिनको आज़मा कर आप इस दर्द से छुटकारा पा सकते हैं।

व्यायाम (Exercise)
सबसे ज्यादा असरदार इलाज है व्यायाम करना। रोजाना समय निकाल कर कुछ व्यायाम जरूर करें। ऐसा करने से आपके कमर की मांसपेशियां मजबूत बनेगी। व्या याम से एंडोरफिन का स्राव भी अधिक हो जाता है, जो खुद में ही कुदरती दर्दनिवारक है।

ठंडी या गर्म सिंकाई करें
साइटिका का दर्द अगर दूर भगाना है तो गर्म और ठंडी सिंकाई का सहारा जरूर लें। इस टिप्स की मदद से साइटिका के दर्द से अस्थातयी रूप से राहत आपको मिल सकती है। बता दें कि ठंडा पैक सूजन को कम करने और परेशनियों को दूर करने के लिए शुरू में इस्ते माल किया जाना चाहिए। वहीं, दो और तीन दिनों के बाद, परिसंचरण को बढ़ाने के लिए और सूजन को कम करने के लिए गर्म सिंकाई करें।

हरसिंगार
क्या आप जानते हैं कि हरसिंगार जिसे पारिजात भी कहते हैं, एक सुन्दर वृक्ष होता है, जिस पर सुन्दर व सुगन्धित फूल उगते हैं। इसके फूल, पत्ते और छाल का उपयोग औषधि के रूप में बखूबी किया जाता है। इसके पत्तों का सबसे अच्छा उपयोग सायटिका रोग को दूर करने में मदद भी करता है।

सहजन
बता दें कि सहजन के अत्यंत सुंदर वृक्ष तो होते ही है साथ ही अनेक पोषक तत्वों से भरपूर होने के कारण यह बहुत ही उपयोगी और स्वास्थ्यवर्धक भी होते हैं। इसके फल, हरी पत्तियों व सूखी पत्तियों में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, कैल्शियम, पोटेशियम, आयरन, मैग्नीशियम, विटामिन-ए, सी और बी कॉम्पलैक्स प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, जो आपके सायटिका का रोग दूर करने में मदद करता है।

कायफल
एक पेड़ की छाल होती है कायफल। यह देखने मे गहरे लाल रंग की खुरदरी लगभग 2 इंच के टुकड़ों में मिलती है। यह सभी आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी बेचने वाली दुकानों पर पायी जाती है।

अजावइन
जान लें कि अजवाइन के रस में प्राकृतिक एंटी-इफ्लेमेंटरी गुण मौजूद होते हैं। अजवाइन खाने का सबसे कुशल और पौष्टिक रास्ताक इसका जूस लेना होता है। और इसके ताजा जूस को 20 मिनट के भीतर पी लेना चाहिए। अजवाइन का रस भरपूर नींद, गर्म और ठंडी सिंकाई और स्ट्रे च की अच्छीव सहायक चिकित्सार है। साथ ही यह साइटिका में होने वाले दर्द, तकलीफ और सूजन को कम करने में मदद करता है।

मेथी के बीज
फॉस्फेट, फोलिक एसिड, मैग्नीशियम, सोडियम, जिंक, कॉपर आदि पोषक तत्व जैसे कई गुणों की खान है मेथी। इसमें प्रोटीन की मात्रा भी बहुत अधिक होती है। मेथी हमें बेहतर स्वास्थ्य प्रदान करने में मदद करता है। मेथी के बीज आर्थराइटिस और साइटिका के दर्द से निजात दिलाने में मददगार होते हैं।