प्रदूषण की वजह से लोगों को हो रही है इतनी बीमारी

दुनिया भर में लोगों की स्वास्थ्य के लिए वायु प्रदूषण एक महत्वपूर्ण चिंता है और विकसित तथा विकासशील दोनों देश इसका समान रूप से सामना कर रहे हैं। बड़े पैमाने पर औद्योगिक गतिविधियां और वाहन उत्सर्जन इसके प्रमुख कारण हैं। आइए जानते हैं कि प्रदूषण की वजह से लोगों में कौन-कौन सी बीमारियां उत्पन हो रही है।

सांस लेने में परेशानी

प्रदूषण की वजह से कई तरह के कण एक्सपोज होते हैं जो आपके फेफड़ों और आपके दिल दोनों को प्रभावित कर सकता है। हवा में प्रदूषण कणों के दीर्घकालिक संपर्क के परिणामस्वरूप महत्वपूर्ण स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं जिनमें मुख्य है सांस लेने में परेशानी।

आंख, नाक और गले में समस्या

प्रदूषण से होने वाले स्वास्थ्य प्रभावों का अनुभव इसके संपर्क में आने के कुछ साल बाद ही किया जा सकता है। हवा में यदि प्रदूषण का स्तर हाई हो तो यह कई तरह की समस्या उत्पन करता है। इससे न केवल आंख की समस्या उत्पन होती है बल्कि नाक और गले में समस्या भी बहुत होती है। इसमें गले की जलन, सूखी खांसी, सिरदर्द, चक्कर आना, थकान और गले के पीछे एक खरोंच जैसा अनुभव भी प्रदूषण की वजह बनती है।

त्वचा की परेशानियां

विशेषज्ञों के मुताबिक प्रदूषण त्वचा को नकारात्मक रूप से प्रभावित करने में सक्षम हैं। वायु प्रदूषण की वजह से त्वचा की उम्र बढ़ने और इंफ्लेमेटरी स्किन डिजीज की बिगड़ने का कारण बन सकता है, और यह त्वचा के कैंसर के खतरे को बढ़ा सकता है। डॉक्टर का कहना है कि वर्तमान वायु की गुणवत्ता लोगों के लिए खतरा बनता जा रहा है।

यह सीधे हमारी त्वचा को न केवल नुकसान पहुंचा सकता है बल्कि चकत्ते और जलन की वजह भी हो सकता है। इसकी वजह से आंखों और नाक में पानी आ सकता है। – सीने में दर्द का कारण और इलाज

अस्थमा की परेशानी

अस्थमा या दमा एक पुरानी फेफड़ों का विकार है, जो वायुमार्ग में सूजन के कारण होता है। अस्थमा एक ऐसी स्थिति है जिसमें आपके वायुमार्ग संकीर्ण और सूज जाते हैं तथा अतिरिक्त श्लेष्म या म्यूकस उत्पन्न होता है। इसमें सांस लेने में मुश्किल हो सकती है तथा यह खांसी, घरघर और सांस की तकलीफ को ट्रिगर कर सकती है। जहरीली हवाओं और स्मोग की वजह से अस्थमा और राइनाइटिस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।

छाती में दर्द

वायु प्रदूषण विशेष रूप से फेफड़ों की स्थिति वाले लोगों के लिए एक गंभीर समस्या हो सकती है। यदि आपको सांस लेने में कठिनाई हो रही है और छाती में कभी-कभी तेज दर्द होता है, तो यह संभव हो सकता है कि पर्यावरण में हवा जहरीली या प्रदूषित हो चुकी है। – सीने में दर्द के कारण और घरेलू इलाज

डिप्रेशन का बढ़ना

वायु प्रदूषण अवसाद सहित मानसिक स्वास्थ्य के अन्य रोगों से भी जुड़ा हुआ है। खासतौर पर शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों में अवसाद या डिप्रेशन का एक कारण वायु प्रदूषण को माना गया है। वायु प्रदूषण के प्रभाव के चलते बुजुर्गों में अवसाद सामान्य है।

शारीरिक गतिविधियों में कमी

प्रदूषण होने की वजह से लोग घर से बाहर एक्सरसाइज नहीं करने जाते हैं जैसे वॉक करना, रन करना आदि। आउटडोर एक्टिविटी में कमी आ जाती है और वह घर पर ही एक्सरसाइज करते हैं। डॉक्टर के मुताबिक दूषित वातावरण में कहीं बाहर जाकर व्यायाम या योगाभ्यास नहीं करना चाहिए। ऐसे समय में घर में ही योग करना फायदेमंद होता है।