चिंता दूर करने के 6 तरीके

अत्यधिक चिंता कई लोगों के लिए एक आम समस्या है। चिंता को प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण मानसिक या भावनात्मक तनाव की स्थिति के रूप में परिभाषित किया जाता है। आज हम चिंता दूर करने के तरीके के बारे जानेंगे। दरअसल चिंता प्रेशर के लिए शरीर का प्राकृतिक प्रतिक्रिया है। इसका सिरदर्द, चिंता, थकान और चिड़चिड़ाहट जैसे व्यापक प्रभावों के साथ आपके शरीर, मनोदशा, साथ ही व्यवहार पर नकारात्मक प्रभाव हो सकता है।

व्यायाम

तनाव या चिंता दूर करने के लिए सभी प्रकार की शारीरिक गतिविधि उपयोगी होती है। व्यायाम करने के फायदे हैं। यह एंडोर्फिन रिलीज करने और दिमाग को शांत करने में मदद करता हैं।

आपको बता दें कि एंडोर्फिन हार्मोन एनर्जी लेवल को बढ़ाता है और मूड को अच्छा बनाता है। खुश रहने के लिए एंडोर्फिन का स्तर अच्छा होना जरुरी होता है। इसके अलावा एक्सरसाइज करने से तनाव हार्मोन कार्टिसोल के स्तर में कमी आती है, जिससे शरीर तनावमुक्त हो जाता है। इसलिए तनाव दूर करने के लिए नियमित रूप से आधा घंटा जरूर व्यायाम कीजिए।

व्यवस्थित लाइफ

किसी व्यक्ति के जीवन में तनाव इसलिए भी सबसे ज्यादा होता है क्योंकि उसकी लाइफ व्यवस्थित नहीं रहती है। अगर आप अपने वर्कलोड को व्यवस्थित करते हैं तो इससे मन को शांति मिलती है और आपकी भावना नियंत्रण में रहती है।

ऐसा करने का एक तरीका है कि आप अपने कामो की सूची बनाएं और उसे प्राथमिकता दें तथा उन्हें पूरा करने के लिए समय निर्धारित करें। कार्यों के बीच स्विचिंग और काम का इक्कठा होना अक्सर तनाव का एक अतिरिक्त स्रोत बन जाता है। कार्यों का विकेंद्रीकरण या जब आवश्यक हो, सहायता के लिए पूछना तनाव स्तर को कम करने का एक अच्छा तरीका भी है।

हेल्दी खानपान

आपकी खाने की आदतों का तनाव स्तर पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है। आजकल की भागदौड़ भरी लाइफस्टाल और अस्वस्थ खानपान के कारण तनाव और अवसाद की समस्या लोगों में बहुत ज्यादा बढ़ गई है। चिंता को दूर करने के लिए आपको अपनी डाइट में बदलाव करना होगा।

ऐसे खाद्य पदार्थ का सेवन कीजिए जिसमें आवश्यक पोषक तत्व मौजूद हो। सब्जियां, फल, साबुत अनाज, डेयरी और मछली जैसे विभिन्न खाद्य समृद्ध आहार आपको कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा, विटामिन और खनिज प्रदान करता है। एक अच्छी तरह से पोषित शरीर तनाव के शारीरिक और भावनात्मक प्रभावों का सामना करने में सक्षम है। – टीबी में खानपान कैसा होना चाहिए

नींद है जरूरी

तनाव का प्रबंधन करने के लिए नींद जरूरी है। पर्याप्त नींद नहीं मिलने पर आम तौर पर चिड़चिड़ापन और थकान की शिकायत होती है। नींद पूरी ना होना भी तनाव का एक कारण हो सकता है। एक वयस्क को सात से नौ घंटे की नींद की जरूरत पड़ती है। नींद में ही आपके दिमाग की सफाई भी होती है और प्राकृतिक रूप से तनाव कम होता है।

इसके अलावा ओवरस्लीपिंग हमें सुस्त, निराश कर सकती है। इसलिए 7-8 घंटे के बीच, सही मात्रा में नींद लेना, दिन की चुनौतियों को सक्रिय और प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने का एक अच्छा तरीका है। – खुद को तंदुरुस्त रखने के लिए जरूरी है नींद

चिंता के लिए जड़ी-बूटियां

अश्वगंधा की तरह जड़ी-बूटियां तनाव के नकारात्मक प्रभावों के प्रबंधन में प्रभावी साबित हुई हैं। आयुर्वेद ग्रंथों और आधुनिक शोध के अनुसार, अश्वगंधा मन और शरीर को फिर से जीवंत करके दीर्घकालिक तनाव के हानिकारक प्रभाव को कम करने में मदद करता है।

यह शरीर को शारीरिक प्रक्रियाओं को स्थिर करने में मदद करता है, विभिन्न जैविक प्रणालियों के बीच स्वस्थ संतुलन बनाए रखता है, और तनाव को दूर करता है।

दोस्तों और परिवार के साथ समय बिताना

दोस्तों और परिवार के लोगों के साथ समय बिताने से आपको तनावपूर्ण समय से गुजरने में मदद मिल सकती है। एक अध्ययन में पाया गया कि महिलाओं के लिए, विशेष रूप से, दोस्तों और बच्चों के साथ समय बिताना ऑक्सीटॉसिन, एक प्राकृतिक तनाव राहत प्रदान करने में मदद करता है।