मेटाबॉलिज्म को बढाने वाले योग

नियमित रूप से योग करने से बहुत ही लाभ मिलते हैं। यह न केवल शरीर को स्वस्थ और लचीला बनाता है बल्कि वजन कम करता है और त्वचा की बनावट में सुधार लाता है। इसके अलावा योग मन को शांत करता है। योग कई तरह के रोगों में बहुत ही फायदेमंद है। यदि आप अपने मेटाबॉलिज्म को बढाने के इच्छुक हैं तो नीचे दिए गए योग का अभ्यास कीजिए।

मेटाबॉलिज्म को बढाने वाले योग

हलासन

यदि कमर में अधिक चर्बी हो गई है, तो आपको हलासन करना चाहिए। मेटाबॉलिज्म बढाने के लिए हलासन एक बहुत ही उपयोगी आसन है। हलासन आपके थायरॉइड ग्रंथि को उत्तेजित करना, मेटाबॉलिज्म में वृद्धि करना, साथ ही आपके पेट को मजबूत बनाता है।

हलासन कैसे करें

हलासन करने के लिए आप सबसे पहले खुद सर्वांगासन की स्थिति में लाइए। सर्वांगासन की स्तिथि में आने के बाद अपने दोनों पैरों को अपने सिर के पीछे जमीन पर टिकने की कोशिश करे। अपने मुंह को आकाश की तरफ करके अपनी दोनों आखों को बंद कर लें। अपनी कमर और पीठ को पीछे झुकाने के लिए आप अपने दोनों हाथों का सहारा ले सकते हैं। फिर अपनी पीठ और पैर को धीरे-धीरे जमीन पर लगाना शुरू कर दें।

वृक्षासन

नियमित रूप वृक्षासन करने से शारीरिक के अंगों में संतुलन और दृढ़ता आती है, जो हमारे लिए बहुत ही फायदेमंद है। यह मुद्रा आपके पैरों और पेटों के साथ याददाश्त और एकाग्रता बढाने में मदद करता है। मेटाबॉलिज्म बढ़ाने के यह आसन रोजाना करना चाहिए।

वृक्षासन कैसे करें

इस आसन को करने के लिए सबसे पहले सीधी तरह तनकर खड़े हो जाएं। अपने शरीर का भार बाएं पैर डाल दें फिर अपने दाएं पैर को मोड़ दें। दाएं पैर के तलवे को घुटनों के ऊपर ले जाएं और अपने बाएं पैर के साथ लगा दें। अपने दोनों हाथ की हथेलियों को प्रार्थना मुद्रा में लें और फिर उसे अपनी छाती के पास ले जाएं। अब गहरी सांस लेते हुए अपने हाथों को सिर के ऊपर ले जाएं और अपने सिर को सीधा रखें।

क्या है मेटाबॉलिज्म और क्या है इसका काम

सर्वांगासन

सर्वांगासन बहुत ही उपयोगी आसन है। यह थायराइड ग्रन्थि को गतिशील बनाने में मददगार है। इसके अलावा आप मेटाबॉलिज्म को भी बढ़ा सकते हैं। सर्वांगासन कंधे और पीठ को मजबूत बनाने काम करता है। इससे आप अपना वजन भी कम कर सकते हैं

सर्वांगासन कैसे करें

सर्वांगासन करने के लिए सबसे पहले आप पीठ के बल लेट जाएं और दोनों पैरों को आपस में मिला लें। इसके बाद धीरे-धीरे से अपने पैरों को बिना मोड़े हुए ऊपर की तरफ उठाएं। फिर इसके बाद कमर को भी ऊपर की तरफ उठाएं। आप अपने पैरों और पीठ को 90 डिग्री तक उठाने का प्रयास करें। इसके लिए आप अपने हाथों का भी सहारा ले सकते हैं। कुछ समय इस अवस्था में बने रहें और फिर अपनी पुरानी अवस्था में आ जाएं।

सेतुबंधासन

सेतुबंधासन का नियमित अभ्यास करने से ऊपरी-निचले पीठ दर्द जैसी स्थितियों में मदद मिलती है। इस आसन से थायरॉयड ग्रंथियां मेटाबॉलिज्म के गठन के लिए जरूरी हार्मोन जारी करती हैं।

सेतुबंधासन कैसे करें

पीठ के बल लेटते हुए दोनों पैरों को कूल्हे की तरफ खींचें। साथ ही इस बात का ध्यान दीजिए कि आपके दोनों पैरों में थोड़ा अंतर और समानांतर हो। अब अपनी पीठ, कूल्हे और जांघों के साथ छत की तरफ उठने का प्रयास कीजिए। यहां कमर को ज्यादा से ज्यादा ऊपर उठा लें और सिर व कंधे जमीन पर ही रहने दें। अंतिम स्थिति में पहुंचने के बाद सांस की गति सामान्य रखें, कुछ देर के लिए रोकें।

धनुरासन

धनुरासन योग नियमित रूप से करने से रीढ़ की हड्डी लचीली बनती है। साथ ही पीठ दर्द की समस्या से भी राहत मिलती है। यह आसन उर्जा बढ़ाने के साथ-साथ यह मेटाबॉलिज्म को बढ़ाने का भी काम करता है।

धनुरासन कैसे करें

सबसे पहले पेट के बल लेट जाइए। इसके बाद जांघों को उपर की तरफ उठाने के साथ दोनों हाथों से दोनों पैरों को पीठ की तरफ खीचिए। अपनी क्षमता के अनुसार सिर और जांघों को उपर की तरफ उठाने की कोशिश करें। धीरे-धीरे सांस को छोड़ते हुए वापस अपनी पहली स्थिति में आ जाइए।