किडनी इन्फेक्शन : कारण, लक्षण और सावधानी

आज की इस भागदौड़ वाली जिन्दगी में किसी के पास सही से घर का खाना खाने का समय नहीं है। जिसके कारण हर कोई बाहर का खाना खाना पसंद करता है, और बाहर का अधिकतर खाना दूषित होता है। जिसके कारण हमारे शरीर में कई तरह की बीमारियां घर कर लेती हैं। इन बीमारियों में से एक है किडनी इन्फेक्शन।

किडनी इन्फेक्शन या किडनी में संक्रमण धुम्रपान, अधिकतर शराब का सेवन आदि करने से भी पाई जाती है, इसके अलावा जब हम अधिक मात्रा में दवाई का सेवन करते हैं, तब भी हमें किडनी के रोग का सामना करना पड़ सकता है। अगर किसी को अधिक डायबिटीज हो तो उसका भी किडनी पर इफ़ेक्ट पड़ता है।

हमारे शरीर में दो किडनियां होती हैं, जब एक किडनी खराब हो जाती है, तो दूसरी किडनी के सहारे चल सकते हैं, लेकिन जब ये दोनों किडनियां खराब हो जाये तो हमारा जीना असंभव है। इसलिए किडनी हमारे शरीर के महत्वपूर्ण अंगों में से एक है। किडनी यूरीन के द्वारा गंदगी को शरीर से बाहर निकालने का काम करती है। इसके लिए हमें दिन में अधिकतर मात्रा में पानी का सेवन करना चाहिए।

किडनी इन्फेक्शन के कारण

किडनी के संक्रमण के कई कारण हो सकते हैं जैसे कि :-

  1. अधिक मात्रा में दवाई का सेवन
  2. धुम्रपान
  3. तम्बाकू और शराब का सेवन
  4. मधुमेह
  5. अधिक मात्रा में फास्टफूड का सेवन
  6. पूरी नींद न लेना
  7. वजन कम होना

किडनी इन्फेक्शन के लक्षण :-

किडनी संक्रमण या किडनी इन्फेक्शन होने पर कई लक्षण दिखाई देते हैं जैसे कि :-

  1.  यूरीन का अधिक आना
  2. हाथों पैरों में सूजन होना,
  3. पेट में दर्द होना,
  4. यूरीन में ब्लड आना
  5. बुखार आना
  6. सांस फूलना
  7. भूख कम लगना
  8. शरीर का पीला पड़ना।

किडनी इन्फेक्शन – सावधानी

जैसे की हम जानते हैं कि किडनी के बिना हमारा जीवन जीना असम्भव है किडनी से होने वाली बीमारी से बचने के लिए हमें कुछ सावधानी बरतनी चाहिए।

पानी का सेवन

हमें पानी का सेवन अधिक मात्रा में करना चाहिए क्योंकि पानी पीने से हमारे शरीर की सारी गंदगी यूरीन के रास्ते से बाहर निकल जाती है जिसके कारण हमारी किड्नी स्वस्थ्य रहती है। पानी पीने से हमारा पाचन सही से काम करता है और शरीर का तापमान भी सही रहता है।

व्यायाम

हमें नियमित रूप से व्यायाम करना चाहिए, क्योंकि व्यायाम करने से हमारा रक्तसंचारण सही से काम करता है। व्यायाम के साथ योग करना भी शरीर के लिए फायदेमंद होता है।

नशीले पदार्थ

जितना हो सकें हमें नशीली वस्तुओं से दूरी बनाकर रखनी चाहिए क्योंकि नशीली वस्तुओं का सेवन करने से इसका सीधा असर हमारी किडनियों पर पड़ता है, जिसके कारण हमारी किडनियां खराब हो जाती है।

मोटापा

शरीर में मोटापा किसी खतरनाक बीमारी से कम नहीं होता। जो लोग मोटे होते हैं, उनमें किडनी रोग होने की आशंका अन्य लोगों की अपेक्षा दुगनी होती है। इसलिए आप का वजन सामान्य वजन से अधिक है तो आपको मोटापा कम करने के उपाय अपनाने चाहिए ।

पेशाब रोककर न रखें

जब भी आपको पेशाब आता है, तो उसे रोककर रखने से आपके किडनी पर दबाब पड़ता है, जिसके कारण किडनी खराब हो सकती है, इसलिए जब भी यूरीन आये, तो उसे रोकने की बजाय उसे कर लेना चाहिए।

दर्द नाशक दवाई का सेवन कम करें

जब भी हम दर्द नाशक दवाईयों का सेवन अधिक मात्रा में करने लगते हैं, तो इसका असर हमारी किडनी पर पड़ता है जिसके कारण हमारी किडनी खराब होने लगती है। इसलिए जितना हो सकें हमें कम दवाईयों का सेवन करना चाहिए।

पेय पदार्थो का सेवन

हमें फल, सब्जियों के जूस का सेवन करते रहना चाहिए, क्योंकि इससे हमारी किडनी निरोग रहती है। हमें चाय, कॉफी कोल्डड्रिंक का कम सेवन करना चाहिए क्योंकि इसे हमारी किडनी खराब हो सकती है।

किडनी इन्फेक्शन के लिए घरेलू उपाय

सेब का सिरका

सेब का सिरका सबसे लोकप्रिय घरेलू उपचारों में से एक है। एंटीबैक्टीरियल गुणों से भरपूर सेब का सिरका किडनी इन्फेक्शन की समस्या को दूर करने में सहायता करता है। प्रतिदिन एक गिलास गर्म पानी के साथ दो चम्मच सेब के सिरके का सेवन करने से किडनी बैक्टीरियल इन्फेक्शन से बची रहती है।

बेकिंग सोडा

बेकिंग सोडा को कभी-कभी किडनी इन्फेक्शन के लिए घरेलू उपचार के रूप में उपयोग किया जाता है, कुछ लोगों का मानना है कि इससे किडनी को बेहतर तरीके से फ़िल्टर करने में मदद मिल सकती है।

जापान, अमरीका और बेल्जियम के अध्ययन के अनुसार रोज एक गिलास पानी में आधा चम्मच बेकिंग सोडा मिलाकर पीने से किडनी इन्फेक्शन का खतरा कम होता है। वैसे एक 2013 के अध्ययन में पाया गया कि बेकिंग सोडा के दुरुपयोग ने वास्तव में इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन, श्वसन अवसाद या मेटाबोलिक एल्कालोसिस जिम्मेदार माना गया है।

लहसुन

लहसुन कोलेस्ट्रॉल के स्तर में सुधार करता है, जो हृदय रोग के जोखिम को कम कर सकता है। लहसुन किडनी के फंक्शन में सुधार कर सकता है। नियमित रूप से सुबह खाली पेट लहसुन की 2 या 3 कली खाएं। इसकी एंटीबैक्टीरियल, एंटी-इन्फ्लेमेटरी और एंटी-फंगल प्रॉपर्टी किडनी बीमारी से बचाती है।