बवासीर

हल्दी से बवासीर का इलाज

हल्दी से बवासीर का इलाज

शरीर के निचले रेक्टम के आसपास गूदे में सूजन हो जाए तो यह बवासीर का रूप ले सकती है। इन्हें पाइल्स या हेमोर्रोइड्स भी कहा जाता है। दुर्भाग्य से वे बहुत ही सामान्य सी समस्या है। यदि इसका उपचार न किया गया तो मल त्याग करने में परेशानी हो सकती है और कुछ मामलों में मल के रास्ते से खून भी निकल सकता है। सामान्य भाषा में इसको खूनी बवासीर के नाम से जाना जाता है। ऐसा देखा गया है कि यह बीमारी 30 वर्ष से ज्यादा उम्र वाले व्यक्तियों में होती है।

बवासीर के सामान्य लक्षणों में दर्द, खुजली और गुदा से खून बहना शामिल हो सकता है। अगर बवासीर के कारणों की बात की जाए तो मल त्याग के समय दबाव, आहार में अपर्याप्त फाइबर, पुरानी कब्ज से जुड़ी जटिलता, लंबे समय तक शौचालय पर बैठे रहना और पाइल्स का एक पारिवारिक इतिहास आदि शामिल है।
वैसे आपको बता दें कि मसाले में हल्दी का उपयोग सैकड़ों वर्षों से प्राकृतिक रूप से बवासीर के इलाज के लिए किया गया है। आइए जानते है इसका कैसे प्रयोग किया जाए।

हल्दी से बवासीर का इलाज

हल्दी और एलोवेरा

हल्दी और एलोवेरा से बवासीर का इलाज

बवासीर रोग से निजात पाने के लिए हल्दी और एलोवेरा का प्रयोग कर सकते हैं। इसके लिए आप आधा चम्मक हल्दी और 1 बड़ा चम्मच एलोवेरा जेल लें और दोनों को अच्छी तरह से मिलाएं। बिस्तर पर जाने से पहले मलद्वार पर इसे लगाएं। हल्दी कणों को ठीक करने और सूजन को कम करने में मदद करेगा, जबकि एलोवेरा जेल बवासीर से जुड़े सूजन के ऊतकों को शांत करेगा।

हल्दी और पेट्रोलियम जेली

हल्दी में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होता है, जो सूजन का इलाज करने में मदद कर सकता है, जो बवासीर से बनाता है। 1 छोटा चम्मच हल्दी लें और 1 बड़ा चम्मच पेट्रोलियम जेली और दोनों को मिलाएं। एक बार जब आप सामग्री को एक साथ मिश्रित कर लें, तो उसे मल त्याग से पहले बवासीर वाले जगह पर लगाएं।
हल्दी किसी भी दर्द के उपचार करने में सहायता करेगी, जो बवासीर की वजह से होती है। और पेट्रोलियम जेली मलद्वार को चिकना कर देती है, जिससे मल निकलने में असानी होती है।

हल्दी और घी

बवासीर के लिए हल्दी और घी भी एक बहुत ही बेहतर उपाय है। घी का इस्तेमाल भारतीय खाना पकाने में बहुत किया जाता है। इसे आप किसी भी दुकान से खरीद सकते हैं। आप बवासीर के घरेलू उपचार के लिए आप एक चम्मच घी और एक चम्मच हल्दी को मिलाएं। इस मिश्रण को लगातार तीन रातों तक बिस्तर पर जाने से पहले बवासीर पर लगाएं। आपको फायदा मिलेगा।
इस बात का ख्याल रखें कि हल्दी आसानी से कपड़े को खराब कर सकते हैं इसलिए इन घरेलू उपचारों का उपयोग करते समय आप पुराने कपड़े पहनें।

हल्दी के लाभ

हल्दी के लाभ

1. हल्दी में शक्तिशाली औषधीय गुणों के साथ बायोएक्टिव कम्पाउंड शामिल हैं।
2. हल्दी एक प्राकृतिक एंटी-इंफ्लेमेटरी कम्पाउंड है।
3. हल्दी से शरीर की एंटीऑक्सीडेंट क्षमता नाटकीय रूप से बढ़ जाती है। 4. हल्दी ब्रेन डिराइव्ड न्यूरोट्रॉफिक फैक्टर को बढ़ावा देता है, जिसे बेहतर ब्रेन फ़ंक्शन से जोड़ा जाता है और मस्तिष्क रोगों के जोखिम को कम कर देता है।
5. हल्दी अल्जाइमर रोग को रोकने और इलाज करने में उपयोगी हो सकता है।

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